यूपी में नए साल पर आवासीय योजनाओं की सौगात

यूपी में नए साल पर आवासीय योजनाओं की सौगात

Yogi Government is going to Launch Housing Schemes

Yogi Government is going to Launch Housing Schemes

Yogi Government is going to Launch Housing Schemes: यूपी की योगी सरकार शहरों में मकान बनाने की चाहत रखने वालों को नए साल का तोहफा देने जा रही है। प्रदेश के विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद करीब 22 शहरों में नई आवासीय योजनाएं लांच करने जा रहे हैं। इससे करीब 50 हजार लोगों को आवासीय सुविधाएं मिलने का अनुमान लगाया गया है। इसके लिए काफी हद तक भूमि की व्यवस्था हो गई है। योजनाएं शहरवार चरणबद्ध तरीके से आएंगी। ये योजनाएं मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत लाई जाएंगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर जरूरतमंद को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश आवास विभाग को दिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना में विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद को शीड कैपिटल के आधार पर भूमि लेने के लिए पैसा दिए जा रहे हैं। इनके द्वारा योजनाओं से होने वाली आय के बाद धीरे-धीरे ये पैसा शासन को वापस किया जाएगा। आवास विभाग इस योजना में प्रदेश के 31 शहरों में आवासीय योजनाएं लाने के लिए 13887 करोड़ रुपये देगा, जिसमें से 6440 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद द्वारा आवासीय योजनाएं लाने के लिए 7183.94 हेक्टेयर भूमि ली जानी है। इनमें से अब तक 1539.25 हेक्टेयर भूमि ली जा चुकी है। शासन स्तर पर पिछले दिनों हुई बैठक में विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया गया है कि साल 2026 में चरणबद्ध तरीके से आवासीय योजनाएं लाई जाएं। हर योजना में जरूरत के आधार पर सभी सुविधाएं दी जाएंगी। आवासीय योजना के साथ स्कूल, कॉलेज, नर्सिंगहोम, पार्क के साथ सामुदायिक सुविधाएं होंगी। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सभी योजनाओं में पर्याप्त मात्रा में पार्क के लिए स्थान सुरक्षित किए जाएंगे।

इन शहरों में जल्द आएंगी योजनाएं

गोरखपुर, चित्रकूट, आगरा, बुलंदशहर, वाराणसी, मुरादाबाद, कानपुर, सहारनपुर, मथुरा-वृंदावन, फिरोजाबाद, लखनऊ आईटी सिटी व वेलनेस सिटी, खुर्जा, बांदा, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़-पिलखुआ, रामपुर इसके अलावा आवास विकास परिषद करीब चार शहरों में आवासीय योजनाएं लाएगा।

मांगा गया प्रस्ताव

इसके साथ ही आवास विकास परिषद और अन्य विकास प्राधिकरणों से भी आवासीय योजना लाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। उनसे कहा गया है कि वे प्रस्ताव में ये जरूर बताएं कि कितने हेक्टेयर भूमि पर योजनाएं लाएंगे। भूमि खरीदने पर कितना पैसा खर्च होगा और उनकी योजनाएं भूमि लेने के बाद कितने दिनों में आ जाएंगी।